Thursday, September 23, 2021

WhatsApp हमें क्या सिखाता है ?

सपनों में उलझी है जिंदगी.हम सुलझा रहे हैं दिन-रात...आ रहे हैं,जा रहे हैं,भाग रहे हैं,जाग रहे हैं.कुछ देर बाद सुलझन की एक डोर में...

इश्क में बनारस होना

सुनों.. कल अपने बनारस आ गया...आते ही लगा लौट आया हूँ तुममें और तुम मुझ में..गोदोलिया,जंगमबाड़ी और अगस्तकुण्ड ने बांहे फैला दीं थीं.बिल्कुल तुम्हारी तरह....मानों...

जीवन संगीत

व्यर्थ आवाज़ों की सार्थकता

साँझ सवेरे खिड़की पर गौरैया,कबूतर आकर बोल जाते हैं। न जाने क्या, बहुत जल्दी-जल्दी ! कभी ख़ूब तेज आवाज़ में,कभी मद्धिम। कभी...
8,983FansLike
1,328FollowersFollow
1,862FollowersFollow
84,800SubscribersSubscribe

EDITOR'S PICK

Social Media

Youth अड्डा

गाँव-जवार

LATEST ARTICLE

वर्चुअल और रियल वर्ल्ड की बैलेंसिंग समय की मांग

यही सर्दी की एक साँझ थी। घड़ी साढ़े पाँच बजा रही थी। चाय की दुकानों पर भीड़ का उमड़ना जारी था। तमाम...

हमारा समाज