Social Media Addiction – आभासी इश्क के खतरे जानिए

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कल फेसबुक खोलते ही देखा कि हमारे किशोरीलाल अंकल जी का चेहरा शाहरुख खान से मिल गया है और वो ऊंचास लोगों को टैग करके इस उपलब्धि का लहरिया कट में जश्न मना रहे हैं…लग रहा तुरन्त पार्टी दे देंगे.उनकी खुशी स्वभाविक है.अब जवानी में जिस आदमी को मोहल्ले की तमाम एंजेल प्रियाओं ने ये कहकर रिजेक्ट कर दिया हो कि..”शक्ल देखो हो अपनी..बैंगन के बासी सब्जी जैसे लगते हो”..वो भला खुश क्यों न होगा.. आप ही बताइये..?

फिर शादी बाद जो अपनी बीबी से कपड़े पहनने की तमीज टाइप प्रवचन सुनता आया हो…”प्यार नहीं करते रोमांस नहीं करते..इनको आता ही नही..कभी किया ही नहीं”.. टाइप गाना को चरितार्थ करता आया हो..वो बेचारा बिना हरे-फिटकरी के रातों रात शाहरुख हो जाने पर खुश क्यों न होगा. ? सोचिए जरा.

अच्छा और नीचे आया तो देखा कि एक पैंतालिस वर्षीया आंटी खुद को अनुष्का शर्मा बना चूकी हैं..और देखते ही देखते धड़ा-धड़ बधाई के कमेंट भी आ रहे.बधाई देने वालों में सबसे ज्यादा दादा जी टाइप लोग हैं..”wow कांग्रेट्स..सो स्वीट…”

क्या अद्भुत क्रान्ती है..मैं सोचकर हैरान होता हूँ कि इधर पैंतीस साल वाली एक आंटी जी ये जानना चाहती हैं कि उनसे कौन-कौन फेसबुक फ्रेंड प्यार करता है.कौन उनके सपने में आता है.भले उनके पति से शीतयुद्ध चलता हो लेकिन फेसबुक के पन्द्रह से ज्यादा लोग उनको बेइंतहा प्यार करते हैं और छुप-छुप कर उनकी तस्वीरें देखते हैं..कई तो उनके प्यार में बेकरार होकर इनबॉक्स में जलेबी छान रहे हैं..सो आंटी जी आज बहुत मन से बधाई ले रहीं हैं.

 

कई लड़के बात इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि उनकी होने वाली राजकुमारी कौन है….उसका चेहरा जैकलीन से मिलता है की आलिया से..या फिर मोहल्ले वाले बेचन हलवाई की बेटी परतिभवा ही ठीक है.इधर कुछ कन्याओं ने भी अपने होने वाले वर का चेहरा जान लिया है.. awwwwww..,so cute…वहीं मेरी पोस्ट अपने नाम से शेयर करने वाले एक बुद्धिजीवी चोर को भी पता चल गया है कि वो सौ फीसदी ईमानदार हैं..इन चंद कारणों से मुझे मर जाने का मन करता है।लेकिन नही..क्योंकि बहुतों को पता हो चला है कि मोदी जी उनके बारे में क्या सोचते हैं…ये अलग बात है कि वो मुकेश और सुरेश के बारे में एक ही जैसा सोचते हैं.और वो दोनों उनके बारे में केजरीवाल जैसा सोचते हैं.

वहीं कुछ लोगों ने अपने मरने की डेट और जगह भी पता कर लिया है..मानों ऐसे की अभी से टेंट,सामियाना,तोशक, तकिया,रजाई और खाने पीने की व्यवस्था के लिए एडवांस बुकिंग कर देंगे..और हरी इच्छा बलियसी वाला कार्ड भी भेजवा देंगे..उफ्फ…कभी-कभी समझ मे नही आता की हमारा भारत कलिकाल के 2017 में है या फिर द्वापर या त्रेता में चला गया है….इतनी असीमित शक्ति लोगों के पास कहाँ से आ गयी कि लोग एक पल में कुछ से कुछ हो जा रहे…अरे! ये सब तो प्राचीन काल मे ही वर्षो की तपस्या के बाद सम्भव था.

लेकिन कई बार मुझे लगता है कि इसमें किसी अंकल.किसी आंटी.किसी लड़के या लड़की का दोष नहीं…ये तो बड़ी मनोवैज्ञानिक सी बात है कि आपको आपसे भुनाया जा रहा…आपको खड़े-खड़े ठगा जा रहा…क्योंकि आपके बड़े अकेले हैं..आपको किसी ने आज तक सुंदर नही कहा.न आपकी पत्नी ने..न ही आपकी पत्नी ने.आप खुद को अपना हीरो नहीं मानते तो आप बॉलिवुडिया हीरो आपको आपके हीरो लगने लगे हैं..आप सोच चुके हैं कि कोई आपसे प्रेम नहीं करता..आपका ख्याल नहीं करता.. आपके बारे में सोचता नहीं..आप असफल हो चुके हैं.

बस इत्ती सी बात है..और ये बड़ी मनोवैज्ञानिक बात है कि झूठा ही सही आपको ये एहसास दिलाया जाता है कि आप बीबी की डांट सुनने वाले किशोरी लाल नहीं..शाहरुख खान हैं..आप बहुत सुंदर हैं.आपसे सब प्यार करते हैं.

आप खुश तो हो जातें हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस तरह की लिंक जो आपको तमाम चीजों को जानने का प्रलोभन देती है..वो कत्तई सेफ नहीं है..वो पहले तो आपकी प्रोफ़ाइल में घुस कर तमाम डाटा इक्कट्ठा करती है.आपकी चैट.. आपके लाइक और आपके कमेंट पता करती है और फिर वही लोग जिनसे आप फेसबुक पर सबसे ज्यादा चैट करते हैं..उनको आपका खास बना देती है…ये कोई नयी बात तो नहीं..ये फेसबुक भी जानता है की कौन आदमी आपका खास है..इसलिए वो आपके खास आदमी की पोस्ट आपको पहले दिखाता है..उसके जन्मदिन की सूचना पहले देता है..चैट लिस्ट में उसका नाम सबसे ऊपर होता है…और आगे हरी बत्ती जल रही होती है.

लेकिन आपकी जरा सी नादानी कुछ ऑनलाइन ठगों को मालामाल करती है.आपने देखा होगा आप कई बार गाना डाउनलोड करने जाते हैं..और जब डाउनलोड के ऑप्शन पर क्लीक करते हैं तो एक दूसरा विंडो खुल जाता है.जो किसी हॉस्पिटल या बीमा कम्पनी का एड होता है।.बस आप बन गये मूर्ख….आपका समय भी गया..डाटा भी.और इस तरह आप रोज करेंगे तो एक दिन आपका एकाउंट भी हैक हो सकता है.

दरअसल ये सोशल मीडिया कुछ उन होशियार लोगों का अड्डा है..जिसमें लोग बेवकूफ बन जाते हैं..आपको पता होना चाहिए कि इस तरह के सभी वेबसाइट पर विज्ञापन लगे रहते हैं…आपको ऐसे धोखा दिया जाता है कि आप सोच भी नहीं पाते कि आप किसी एड पर क्लीक कर रहें हैं या किसी शाहरुख खान बनाने वाली लिंक पर.

ये सब यहां पैसे कमाने के शार्ट-कट तरीके हैं..अगर कोई अच्छा वेबसाइट या ब्लाग शुरू किया जाए तो बड़ी मेहनत लगेगी…लाखों वेबसाइट और ब्लॉग के दौर में आपको अच्छा कंटेंट क्रिएट करना पड़ेगा.इसके लिए तमाम रिसर्च करना पड़ेगा..जिसमे मेहनत ,धैर्य और लगन जी जरूरत होती है.

अब दिक्कत क्या है कि हमारे देश मे मेहनत कौन करना चाहता है..सब चाहते हैं कि बैठे-बैठे मालामाल हो जाएं.वो ये भी जानता है कि बिना मेहनत के यहां कैसे कमाया जा सकता है…बस खेल स्टार्ट हो जाता है.क्योंकि लोग इस सोशल मीडिया के भीड़ में अकेले हैं..एक स्क्रीन के बाहर हर आदमी अकेला है..निपट अकेला..इस अकेलापन में वो आदमी वो होना चाहता है जो वो सच मे नहीं है.

बस समझें कि ये कुछ ऐसा ही है जैसे कि शीघ्रपतन रोगी मिलें,चार दिन में गोरा बनें,या नाकाम रोगी मिलें हर बुद्धवार.ये मनोवैज्ञानिक रूप से आपको रोगी बनाने की साजिश है..बस इनके अड्डे किसी दिमागी चट्टी से बदलकर फेसबुक पर आ गये हैं..पहले हर बुद्धवार मिलते थे अब रोज मिलने लगे हैं..

सो सावधान रहिये.. अधिक से अधिक इस मंच को क्रिएटिव बनाइये..हर किस्म के कुछ अच्छे पेज लाइक करिये..सिर्फ राजनीति ही नहीं..हर किस्म के पेज और ब्लॉग या वेबसाइट आपकी टाइमलाइन पर दिखते हों..गीत-संगीत,कविता-कहानी या प्रेरणादायक विचारों वाले पेज.कुछ अच्छे ब्लाग..यानी सब मिला के आपकी टाइम लाइन का रंग सतरंगी हो..

वरना आप सदैव तनाव में रहेंगे और इस Social Media Addiction के कारण अकेलापन सताता रहेगा.और आप खुद में फर्जी शाहरुख खान को देखकर खुश होते रहेंगे..सो सकारात्मकता बनाए रखिये.आप सोचिए की आप स्वयं अपने हीरो हैं..यहां लोगों से सार्थक चर्चा करिये..आप जो नहीं जानते हैं..वो सीखिये..यहां सीखने के एक हजार अवसर हैं.आप जो नहीं जानता उसे सीखा भी सकते हैं..आप किसी के लिए ब्लड की अपील भी कर सकते हैं..एक पेड़ लगाने की अपील भी कर सकते हैं..आप जब कुछ अच्छा करेंगे उसकी खुशी के आगे ये फर्जी खुशी वाली क्षणिक खुशी कुछ नहीं है.दरअसल सोशल मीडिया भी कोरी दीवार है.आप किन-किन रंग से अपनी दीवार भरते हैं.ये आपके उपर है.

( roar hindi में छपा लेख )

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