वाराणसी में रुकने के लिए सस्ते और बेहतरीन ठिकानें

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रंग-ए-बनारस

भारत जब रियासतों में बंटा था,जब राजा-महाराजा और नबाब हुआ करते थे,तब न tripadviser का जमाना था,न ही कमरा बुक करने के लिए oyo rooms का ठिकाना।

उस समय इन राजाओं और नबाबों नें भारत के सभी तीर्थ स्थलों पर धर्मशालाएं बनवाईं,नक्काशीदार कुंड और तालाब बनवाए।और ये सब बनवाने के पीछे मुख्य वजह जो थी,वो ये थी कि हमारे राज्य के लोग जहाँ भी तीर्थाटन करने जाएं,उन्हें रहने-खाने और सोने की दिक्कत न हो।

काशी में आज भी उन राजाओं के द्वारा बनवाए गए धर्मशाला,बावड़ी,कूप,और अनगिनत मन्दिर इस बात की गवाही देने के लिए घाटों पर शान से खड़े हैं।

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रीवा के नरेश द्वारा बनवाई गई रीवा कोठी

इनको देखने के बाद लगता है कि पुराने जमाने में लोग कितने दूर द्रष्टा थे..उन्हें अपने नागरिकों की कितनी चिंता थी. सम्भावित परेशानियों से निपटने का कितना बढ़िया मास्टर प्लान था।

आज भी विजयनगरम से लेकर जयपुर,तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात की मारवाड़ी धर्मशाला उन्हीं प्राचीन परम्पराओं का पालन कर रहे हैं।

लेकिन अब वो दौर नहीं। आज यात्रा,मात्र भक्ति और दर्शन,पूजन का साधन नहीं है,आज यात्रा जीवन की निरंतरता में अनायास उग चूकि ऊब को मिटाने का एक प्रयास है।

जिसमें आदमी अपनी टिपिकल लॉइफ स्टाईल से अलग हटकर यात्रा में मनोरंजन,मौज-मस्ती के साथ स्वाद की सेल्फी को अपने यादों के एलबम में सज़ा देना चाहता है।

यही कारण है कि आज आपकी इन जरूरतों का ख्याल रखने के लिए तमाम ऑनलाइन वेबसाइट्स मौजूद हैं.. न आपको भटकने की जरूरत है,न कहीं आने और जाने की..न किसी से पूछने की..बस एक क्लीक पर सब कुछ हाज़िर है।

आप बनारस का टिकट बुक करते समय ही होटल भी बुक कर सकतें हैं।उस होटल के आस-पास क्या-क्या नजदीक है,सब देख सकते हैं, रिव्यू पढ़ सकते हैं।

लेकिन इंटरनेट लाख आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी की बातें करें, वहां वहीं चीजें दिखाई जाती हैं,जो वो आपको दिखाना चाहतें हैं।

तभी तो जब आप गूगल में Hotels In Varanasi सर्च करतें हैं..गूगल बाबा आपके सामने हजारों होटल्स और वेबसाइटों के लिंक ठेल देते हैं..सभी एक जैसे,सभी एक से बढ़कर एक..

जैसा कि शादी के पहले दुल्हा-दुल्हन फ़ोटो में खूब जमतें हैं। वही हाल कई बार होटलों का भी दिखता है। साधारण सा होटल भी ऑनलाइन बुकिंग साइटों पर सेवन स्टार के फूफा से कम नहीं लगता है।

बहुत सारे लोग हमारे मित्र झा जी दरभंगा वाले कि तरह नक्काशीदार तकिया,मखमली बेडशीट राजशाही पलँग देखकर होटल बुक कर देतें हैं.और वहाँ नई-नवेली दुल्हन का हाथ,हाथों में लेकर खनकते कंगनों की सुमधुर ध्वनि को कानों के रास्ते दिल तक लाते हुए जैसे ही कमरा खोलते हैं,पातें हैं कि बीबी का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया है।

जिस कमरे को सस्ते में लग्ज़री समझकर बुक किया वो पहुंचने पर कबाड़ा निकला है।

हालांकि इधर एक-दो सालों के भीतर टूरिज्म सेक्टर में बढ़ते बेहिसाब कम्प्टीशन नें हालात में सुधार किया है। और हमारे पास पर्याप्त और बेहतर विकल्प पेश किया है कि हम अलग-अलग साइटों पर एक ही होटल का रेट और सुविधा देख सकतें हैं। तुलनात्मक अध्ययन कर सकतें हैं। यहाँ तक कि पहली बुकिंग पर छूट पा सकतें हैं। खैर

अब काम की बातें करते हैं।

बनारस आने के बाद भी लोग मुझसे फोन करके या फेसबुक,ट्वीटर,इंस्टा पर मैसेज करके पूछते रहतें हैं कि “अतुल भाई किस एरिया में होटल लिया जाए” ?

ये समस्या एक बड़ी समस्या है,क्योंकि बनारस कोई कुल्लू,मनाली या शिमला या मंसूरी नही है कि आप जहां मन,वहां रह जाएं,जिधर से खिड़की खोलें,उधर से आपको नदियां,पहाड़,बर्फ़ दिखाई दें।

यहाँ रहने का स्थान चुनने के लिए सावधानी की जरूरत है।

मैंने पिछले ब्लॉग Varanasi Travel Guide में इसका बखूबी जिक्र किया था कि अगर आप दर्शन-पूजन के उद्देश्य से आ रहें हैं तो मैं कहूँगा की रेलवे स्टेशन या कहीं और रुकने कि अपेक्षा घाट के आस-पास रुकना ज्यादा बेहतर विकल्प है।

इसलिए आज मैं बनारस में रुकने की तमाम सस्ती-महँगी और मुफ्त ठिकानों की एक सूची आपके सामने रखता हूँ। इसमें सबकी अपनी-अपनी खूबियां और खामियां हैं..आप अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार चयन कर सकतें हैं।

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1- गोदौलिया

बनारस का हृदय स्थल कहा जाता है। बेहिसाब भीड़ वाला इलाका है,यहाँ से आपको बनारस के  किसी कोने में आने-जाने के साधन मिल सकतें हैं। चौराहे के ठीक बगल में विश्वनाथ जी हैं,वहीं माता अन्नपूर्णा, थोड़ी दूरी पर ही बाबा कालभैरव और प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट भी है।

यहाँ खाने-पीने के हजारों विकल्प हैं। मन करे साउथ का भोजन करिये या गुजराती,नेपाली,चाइनीज । या फिर चौचक बनारसी भोजन करिये लस्सी, ठंडई,कचौड़ी बनारसी चाट के साथ..

बनारसी साड़ियों की दर्जनों बड़ी दुकानें,फैक्ट्री यहीं हैं । और सस्ता और फुटकर मार्किट की एक पूरी खेप यहीं मौजूद है।

इन सब कारणों से गोदौलिया रुकने के लिए बेहतर विकल्प है । दिक्कत बस एक ही है,वो है…सड़क पर मौजूद शोर और भीड़। अगर आपका मन भीड़ से घबराता है तो शायद ये जगह आपके लिए नहीं है।

हाँ अगर भीड़ से दिक्कत नही है तो मुख्य सड़क पर तमाम अच्छे होटल आपको मिल जाएंगे.

  • Hotel Ganges Grand
  • Hotel HKJ Palace
  • Hotel Vaibhav Harsh
  • Hotel Garden In
  • Hotel Lara India
  • Hotel Sri Ram International
  • Hotel Aditya Inn
  • Hotel Atithi Satkar

ध्यान दें – भीड़ से बचने का एक उपाय ये है कि मुख्य सड़क पर बने होटलों में न रहकर चौराहे के आस-पास गलीयों में तमाम छोटे-छोटे गेस्ट हाउस और होटल बनें हैं,जो सड़क से हटकर शांत,सस्ते और रहने के लिए ठीक-ठाक हैं। आप इनमें रुक सकतें हैं।

  • Amrit Guest House
  • Hotel Swastik Inn
  • Hotel Vijay International

2 – गंगा के घाट किनारे-

अगर आपका मन है कि आप खिड़की खोलें तो गंगा को छूकर गंगा पार से आने वाली हवा आपके तन-मन में ताजगी भर दे।

आप सुबह वाली चाय सुबह-ए-बनारस का दीदार करते हूए पिएं,रात का खाना गंगा की शांत लहरों को निहारते,बनारस को जगमगाते हुए देखकर करें तो घाट किनारे बनें होटल बस आपके लिए ही हैं।

लेकिन ध्यान देने की जरूरत ये है कि घाट किनारे ज्यादातर छोटे-छोटे लॉज और गेस्टहाउस हैं।

लग्जरी सुविधा बस दरभंगा घाट की बृजरमा पैलेस हवेली में मौजूद है। अठारहवीं सदी के आस-पास बनी इस हवेली की फाइव स्टार भव्यता बड़े-बड़े लोगों को लुभाती है।

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बृजरमा पैलेस हवेली से सुबह-ए -बनारस

काशी में जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रोन आए थे तब मोदी जी के साथ इसी हवेली में लंच का कार्यक्रम प्रस्तावित था।

इस हवेली में रहना,खाना काफी महंगा है।यानी की एक दिन का दस हजार से 35-40 हजार तक। लेकिन काशी का आनंद आप किसी राजा-महाराजा की तरह हेवली नुमा होटल में तबला,सितार कत्थक और ठुमरी की धुन पर लेना चाहते हैं तो इससे ज्यादा बढ़िया विकल्प नहीं हो सकता है ।

इसके अलावा घाट किनारे और भी तमाम होटल मौजूद हैं..जहां से बनारस का दीदार करते हुए रहने-खाने का आनंद लिया जा सकता है।

बस इन तक आने-जाने के लिये आपको एक्स्ट्रा वर्कआउट की जरूरत पड़ सकती है,यानी बनारस की बेहिसाब गलीयों की जानकारी,सीढ़ी चढ़ने उतरने और सांडों से बचने का हुनर भी आपको आना चाहिए..

एकदम घाट किनारे मौजूद कुछ बढ़िया होटलों की लिस्ट यहाँ मौजूद है ।

  • Shiva Ganges View
  • Hotel Alka In
  • Ganges Inn
  • Rashmi Guest House

3- अस्सी इलाका

अस्सी का इलाका गोदौलिया की अपेक्षा शांत इलाका है,अगर आपको ज्यादा भीड़-भाड़ से ऊब होती है तो अस्सी बस आपके लिए ही है।

सडक से चंद कदम की दूरी पर गंगा घाट है,पाँच बजे सुबह इस घाट पर स्नान,पूजा- ध्यान करने वालों से लेकर चाय पीने और राजनीति  बतियाने वालों का रेला लगने लगता है,तमाम बनारसी लोग योग करने और स्नान करने भी आतें हैं।

अगर आप सुबह की गंगा आरती,योग,और संगीत का आनन्द लेना चाहतें हैं तो अस्सी आपके लिए एक बेहतर जगह हो सकता है।

बस एक दिक्कत है..यहाँ से विश्वनाथ मंदिर और विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती थोड़ी दूर है। दूजे आप यहाँ बनारसी स्ट्रीट फूड्स का मजा नहीं ले सकतें हैं। अच्छी कचौड़ी,जलेबी और लस्सी खाने-पीने के लिए भी आपको लगभग लगभग एक किलोमीटर दूर लंका पहलवान की दुकान पर जाना पड़ेगा।

तो इन सब बातों का ध्यान रखें..अस्सी एरिया के कुछ बेहतरीन होटल यहाँ मौजूद हैं

  • Palace On Ganges
  • Hotel Temple On Ganges
  • Hotel Banaras Haveli
  • Hotel Heritage Inn
  • Hotel Deepak Palace

4- फाइव स्टार होटल्स वाला कैंटोनमेंट एरिया

इसे बनारस का छावनी इलाका कहा जाता है।इस एरिया का एक बड़ा हिस्सा भारतीय सेना के नाम है।
इसे पॉश इलाका भी माना जाता है,बनारस के सारे फाइव स्टॉर लग्ज़री होटल इसी एरिया में मौजूद हैं।
जहाँ आए दिन बड़े-बड़े सरकारी और गैर सरकारी आयोजन होते रहतें हैं।

अगर आपका बज़ट ज्यादा है,तो ये इलाका बस आपके लिए ही है। एक से बढ़कर एक होटल और उनमें मौजूद रेस्टुरेंट,उनमें बजता बनारस घराने का संगीत आपको स्वर्गिक अनुभूति करा सकता है।

इन फाइव स्टार होटलों की लिस्ट यहाँ मौजूद है..

  • Taj Nadesar Palace
  • Madin Hotel
  • Radisson Hotel Varanasi
  • The Clarks
  • The Gateway Hotel Ganges Varanasi
  • Ramada Plaza JHV Varanasi

5- कैंट रेलवे स्टेशन एरिया..

कैंट रेलवे स्टेशन पर उतरते ही होटल और लॉज की एक पूरी फेहरिस्त आपके सामने मौजूद हो जाती है,आप सामान लेकर जैसे स्टेशन पार करके सड़क पर आतें हैं,होटलों के बाहर मौजूद लोग आपको घेर लेते हैं.भाई साहब कमरा चाहिए…..? आइये एकदम सस्ते में.

कैंट एरिया में आपके पास बेहिसाब विकल्प हैं। हजारों की संख्या में होटल और लॉज होंगे,बस अपनी जरूरत का ख्याल रखने की जरूरत है।

अगर आप किसी शादी-ब्याह,समारोह,मिटिंग,एग्जाम या बनारस से फ्लाइट पकड़ने के लिए एक रात,एक दिन रुकना चाहते हैं तो ये आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

या फिर आप दर्शन करने आए हैं,और चाहते हैं कि कमरा रेलवे स्टेशन के कहीं आस-पास ही हो तो ये एरिया आपके लिए बेहतर है। आपको यहाँ से चौबीस घण्टे कहीं भी आने-जाने के साधन आराम से मिल जाएंगे ।

स्टेशन के ठीक सामने हजारों होटल हैं। जिनके बारे में आप स्वयं उतरकर जानकारी ले सकतें हैं।

6- मुफ्त धर्मशाला….

अगर आपका बज़ट होटल लायक नहीं है,आप विद्यार्थी और बेरोजगार हैं..तो परेशान न हो मेरे भाई..महादेव ने आपके लिए भी बढ़िया व्यवस्था की है।।.

जैसा कि ऊपर बताया..काशी में तमाम रियासतों के राजाओं,मारवाड़ी सेठों,और रईसों ने सैकड़ों-हजारों साल पहले मन्दिर,धर्मशाला बनवाना शुरू किया.

इनमें से कुछ रख-रखाव न होने के कारण टूट गए,तो कुछ पर लोगों नें कब्ज़ा जमा लिया,कुछ आज भी मौजूद हैं, कुछ मुफ्त में रहने और खाने की सुविधा भी देतें हैं। कुछ में नाम मात्र का शुल्क है। वहीं मारवाड़ी धर्मशालाओं की व्यवस्था तो होटलों की सुविधा को भी फेल करती है।

इनमें से गोदौलिया के आस-पास कुछ प्रसिद्ध धर्मशाला…यहाँ मौजूद हैं। आप इनके नाम पर क्लीक करके गूगल मैप के सहारे पहुंचकर इनकी उपलब्धता की जानकारी ले सकतें हैं।

आखिरी बात-

अगर आपने अपनी जरूरत के अनुसार होटल तय कर लिया है। तो अभी आप यहीं से नाम या एरिया टाइप करके उपलब्धता और रेट की जानकारी लेकर होटल बुक कर सकतें हैं।

Booking.com

 

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