आई लव यू एयरटेल
प्रिय Airtel............... देखो न आज हमारे तुम्हारे साथ को आठ साल हो गए. देखो..पता ही नहीं चला ...मुझे याद है..तब मैं दस में पढ़ता था..घर से बलिया रहने लगा..कितने अनुनय बिनय मनवती के बाद...
ओ 4G वाली लड़की..
तुमको पता है....तुम्हारी अरहर कि दाल जैसी आँखों की कसम आज लौंडे तुम्हारे प्यार में टेलीनार का 2g हुए जा रहें हैं..आह!...इस 'नव कंज लोचन कंज मुख' की आभा के आगे भक्तिकाल के सारे...
एक पप्पू की प्रेम कथा (मेला स्पेशल )
आज प्यार भले फेसबुक से पैदा होकर whtas app पर जवान हो जाय..
लेकिन किसी जमाने में कालेज के सामने वाली चाट की दूकान से शुरू होकर दशहरा के मेला वाली जलेबी की दुकान पर...
What The Love – ओ लड़की “प्रेम जीवन का नमक है”
What The Love - ओ लड़की सुनों....
आज बनारस आ गया..
सच पूछो तो इधर बनारस आकर कभी कभी उदास हो जाता हूँ...देखो कब गया और कब आया पता ही न चला... सोचता हूँ ये आना...
वो इश्क का लैंडलाइन युग ( वायरल पोस्ट )
बहुत दिन पहले की बात है भी ,नहीं भी....तब लोग phone पर इतने झूठ न बोलते थे...बनारस रहते तो बनारस ही बताते,मुगलसराय नहीं..एक रुपया का समोसा और एक रुपया का चाय मिल जाता था...बुनी...
आनलाइन लव बनाम लव लेटर वाला प्रेम युग ( वायरल पोस्ट )
"खत लिखता हूँ खून से स्याही न समझना
आपसे करता हूँ प्यार बेवफाई न समझना"
इस love internet युग में जिस दिन प्रेम पत्र लेखन भी कविता,कहानी संस्मरण,डायरी और रिपोतार्ज कि तरह साहित्य की विधा घोषित...
पोर्न की लत से कैसे बचें : Sex And Creative Thinking
पहले मैगी बैन की चर्चा अब पोर्न पर संकट.अरे लौंडे क्या बादाम खाकर पढ़ाई करेंगे.?..ये चर्चा उस दिन बनारस के आईआईएन छाप लवण्डई अखाड़ों में चली तो सबके चेहरे पर एक मायूसी थी...सिगरेट जलाकर...
बनारस प्रेम कथा ( वायरल पोस्ट )
कार्तिक पूर्णिमा से तीन दिन पहिले शाम का समय...गंगा आरती की तैयारी..पर्यटकों और नाव वालों में पैसे को लेकर बहस..पानी का श्रृंगार करतीं नावें...घाट के बसिंदों में देव दीपावली का अलग जोश..दसास्वमेध से दाहिने...
लंठ सम्मेलन से डबल गर्लफ्रेंड की लाइव कथा
जवानी में प्रवेश और कालेज लाइफ में सिर्फ आवेश ही आवेश होता है.जहाँ केमिकल लोचा कब कहाँ फंस जाय.कोई ठीक नहीं जहाँ हाथ का प्रयोग सिर्फ खाने नहाने और पैखाने में नहीं कभी कभी...
बचपना बचाने के सूत्र
दो रुपया के पारले जी के लिए दो घंटे रोने और चुराये हुए गेंहूँ बेचकर समोसा खाने के दिव्य सुख के आगे आज महंगे से महंगे होटल का खाना भी फीका लगता है..ये तब...

















