आखिर शक्तिमान ने मान ली हमारी बात…!

पहले शाकालाका बूम-बूम की पेंसिल से टीवी बनाने की लाख कोशिश कर चुके थे। शक्तिमान से भी कहा था कि क्या वो एक टीवी नही दे सकता। और चूंकि उस उम्र में...
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गुल्ली-डंडा बनाम टेम्पल रन = आत्महत्या

Kids Story स्कूल के उन 6 घण्टों में एक-एक कर टनटनाती घँटीयाँ ..अभी पांचवीं लगी...बाप रे! अभी चार घँटी और पढ़ना है..दिल धक्क से भारी हो जाता था..लो अब छठवीं में तो पांडे सर आ...

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