Tuesday, May 21, 2019
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बनारसी व्यंजन – पेश हौ नजारा…बहुते करारा

सुबह के सात बजे थे,भीड़ का बढ़ना जारी था, शिवालयों से हर-हर महादेव की ध्वनि उठ रही थी। गलियों से निकलता भक्तों का रेला,तुलसी,बेल...
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वाराणसी में रुकने के लिए सस्ते और बेहतरीन ठिकानें

भारत जब रियासतों में बंटा था,जब राजा-महाराजा और नबाब हुआ करते थे,तब न tripadviser का जमाना था,न ही कमरा बुक करने के लिए oyo...
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इश्क में बनारस होना

सुनों.. कल अपने बनारस आ गया...आते ही लगा लौट आया हूँ तुममें और तुम मुझ में..गोदोलिया,जंगमबाड़ी और अगस्तकुण्ड ने बांहे फैला दीं थीं.बिल्कुल तुम्हारी तरह....मानों...

विश्वनाथ धाम : अतीत की नींव पर भविष्य की काशी

काशी विश्वनाथ धाम शुरू हुआ। कुछ मंदिर और घर क्या टूटे,मैनें देखा कि उन लोगों नें हर-हर महादेव कहकर चूड़ियाँ तोड़ लीं,जिनका...
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एक नकली आम आदमी का असली बयान

अस्सी की सांझ..बारिश के कारण सड़कों पर बने गड्ढों  में भरा पानी स्मार्ट सिटी और क्योटो जैसे शब्दों को   मुँह चिढ़ाता है तो एक...
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लन्दन की जेनी,क्रिस गेल और बनारसी लंठ

बड़ी गर्मी है..पारा 40 के ऊपर जाने को बेकरार  है..माथे पर पसीना..सड़क पर भीड़..गलियों में गहमा-गहमी. हर घर में घँटीयां टनटना रही हैं..कहीं शंख बज...

सर्वाधिक लोकप्रिय

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उस्ताद..आज आपके साथ थोड़ा बनारस भी बिक गया

सादर प्रणाम   उम्मीद है आप जहाँ भी होंगे सकुशल होंगे..देखिये न आज आपके बनारस में सूरज दिल खोलकर निकला है,हवा पंख खोलकर बह रही...
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मंटूआ-पिंकीया की असली प्रेम कहानी

मौसम में हल्की नमी थी और हवा में बंसत की सुवास.आसमान में देखते ही मन उड़ने लगता था.मानों वो चिल्ला-चिल्ला के कह रहा हो."अब...
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बी.टेक्स वाले दुल्हनिया ले जाएंगे ?

आज छत पर धूप पसरी  है.अखबार लेकर बैठा हूँ.आसमाँ भी साफ़ है.पक्षी भी उड़ रहे..नावें भी ठीक से चल रहीं.लेकिन कमबख्त मेरा दिल बैठा...
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WhatsApp हमें क्या सिखाता है ?

सपनों में उलझी है जिंदगी.हम सुलझा रहे हैं दिन-रात...आ रहे हैं,जा रहे हैं,भाग रहे हैं,जाग रहे हैं.कुछ देर बाद सुलझन की एक डोर में...
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डिप्लोमा इन दुनियादारी 

गाँव के स्कूल में एक मास्टर साहेब थे.नाम था तिरलोचन तिवारी उर्फ़ मरखहवा मास्टर.ज्ञान को हमेशा कपार पर उठाये रहते थे.माघ के जाड़े में...