भारत के महान आदर्शों को नष्ट करती इस नकली बौद्धिकता को जानिए
वो कोई चैत की बेचैन सी सांझ थी जब मैं एक दरबेनुमा चाय की दुकान में जेनी से मिला था..तब रोज मुझे दसास्वमेध घाट की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में तबला संगति करनी होती...
बाप को इतना मुलायम नही होना चाहिए
वो 1 जनवरी 2017 की सुबह थी.आसमान कोहरे से भरा था और लोगों के दिल नयी उम्मीदों से.रोज घण्टा घड़ियाल और सूर्य नमस्कार के मन्त्रों से गुलज़ार रहने वाला अस्सी घाट नए वर्ष की...
नीम करौली बाबा – Apple – Facebook के बाबा
कहानी नम्बर एक
सत्तर के दशक का अमेरिका.सतरह साल का एक दुबला सा लड़का,एक दिन छोटी-छोटी आँखों में बड़े-बड़े सपनें लेकर अमेरिका के सबसे महंगे कालेजों में से एक,रीट कालेज में पढ़ाई करने का फैसला...
एक नकली आम आदमी का असली बयान
अस्सी की सांझ..बारिश के कारण सड़कों पर बने गड्ढों में भरा पानी स्मार्ट सिटी और क्योटो जैसे शब्दों को मुँह चिढ़ाता है तो एक बार मोदी जी से मन की बात करने का मन...
लन्दन की जेनी,क्रिस गेल और बनारसी लंठ
बड़ी गर्मी है..पारा 40 के ऊपर जाने को बेकरार है..माथे पर पसीना..सड़क पर भीड़..गलियों में गहमा-गहमी.
हर घर में घँटीयां टनटना रही हैं..कहीं शंख बज रहा..तो कहीं पाठ शुरू हो गया..तो कहीं पंडी जी नहीं...
एक नास्तिक की मन्दिर यात्रा
मेरे एक प्रिय मित्र हैं ..मने बहुते पढ़ाकू.तेजू खान के नाना टाइप.अपने विषय के विद्वान..अभी बीएचयू में पढ़ते हैं, जेएनयू सपना है उनका.जरूरत से ज्यादा बुद्धिजीवी हैं ..ज्ञान का बोझ सर पर लादे रहते...
इश्क में बनारस होना
सुनों..
कल अपने बनारस आ गया...आते ही लगा लौट आया हूँ तुममें और तुम मुझ में..गोदोलिया,जंगमबाड़ी और अगस्तकुण्ड ने बांहे फैला दीं थीं.बिल्कुल तुम्हारी तरह....मानों वर्षों बाद उसका महबूब घर लौट आया हो...जानती हो लौटकर...
आदमी की सबसे बड़ी जरूरत ये है.
कल ड्यूडनी अपने ड्यूड से बहुते नाराज थी...मने की फुलौरी जइसा मुंह बनाकर कह दिया की " एकदम पेयार नहीं करते हो न मुझसे.?.दिन भर खाली फेसबुक पर ऑनलाइन रहोगे..बगल वाली पिंकिया के डीपी...
















