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देखी हमरी काशी,मिलिए गली,साँड़,किस्सा और कॉमरेड शंकर जी से

Varanasi News -                                                              ...
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बाप को इतना मुलायम नही होना चाहिए

वो 1 जनवरी 2017  की सुबह थी.आसमान कोहरे से भरा था और लोगों के दिल नयी उम्मीदों से.रोज घण्टा घड़ियाल और सूर्य नमस्कार के मन्त्रों से गुलज़ार रहने वाला अस्सी घाट नए वर्ष की...
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एक नास्तिक की मन्दिर यात्रा

मेरे एक प्रिय मित्र हैं ..मने बहुते पढ़ाकू.तेजू खान के नाना टाइप.अपने विषय के विद्वान..अभी बीएचयू में पढ़ते हैं, जेएनयू सपना है उनका.जरूरत से ज्यादा बुद्धिजीवी हैं ..ज्ञान का बोझ सर पर लादे रहते...
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बनारसी व्यंजन – पेश हौ नजारा…बहुते करारा

सुबह के सात बजे थे,भीड़ का बढ़ना जारी था, शिवालयों से हर-हर महादेव की ध्वनि उठ रही थी। गलियों से निकलता भक्तों का रेला,तुलसी,बेल पत्र और जल लेकर दौड़ रहा था। इधर विदेशी इस लम्हे...
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एक नकली आम आदमी का असली बयान

अस्सी की सांझ..बारिश के कारण सड़कों पर बने गड्ढों  में भरा पानी स्मार्ट सिटी और क्योटो जैसे शब्दों को   मुँह चिढ़ाता है तो एक बार मोदी जी से मन की बात करने का मन...

बॉम्बे से चिट्ठी बनारस के नाम !

गुरु,तुमने आज हाल-चाल पूछा है। पूछा है, "कहो कैसे हो बम्बइया बाबू ? कइसा लग रहा है बम्बई में,याद नहीं आती न अब बनारस की ?"

छोटे शहरों की स्मृतियाँ ही हमारी संचित निधियां हैं।

पंजाब में सिक्ख भाई सरदार कहे जाते होंगे लेकिन अपने रज़ा बनारस में जादो जी लोग सरदार कहे जातें हैं। क्यों कहे जाते हैं ? इस परम्परा के पीछे जाएंगे तो आपको...

काशी में शिव बारात – परम्परा और मस्ती का आध्यात्मिक राग

जब फागुन कपार पर सवार है और देश-दुनिया में वेलेंटाइन का खुमार..बुढ्ढों में इश्क और जवानों में प्रेम का बुखार है,ठीक उसी समय हमारी काशी सज-संवरकर तैयार है.लेकिन भाई मेरे- उसका कारण...
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वाराणसी में रुकने के लिए सस्ते और बेहतरीन ठिकानें

भारत जब रियासतों में बंटा था,जब राजा-महाराजा और नबाब हुआ करते थे,तब न tripadviser का जमाना था,न ही कमरा बुक करने के लिए oyo rooms का ठिकाना। उस समय इन राजाओं और नबाबों नें भारत...

‘को कहि सकइ प्रयाग प्रभाऊ’ ( कुम्भ यात्रा संस्मरण )

ट्रेन खुली तो हल्की बारिश हो गई,अचानक ठंड बढ़ गई। घड़ी में देख रहा रात दो बजने को हैं। ट्रेन में बैठे आधे लोग ऊंघ रहें हैं,आधे लोग टकटकी लगाए पूछ लेते...

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