वाराणसी में रुकने के लिए सस्ते और बेहतरीन ठिकानें
भारत जब रियासतों में बंटा था,जब राजा-महाराजा और नबाब हुआ करते थे,तब न tripadviser का जमाना था,न ही कमरा बुक करने के लिए oyo rooms का ठिकाना।
उस समय इन राजाओं और नबाबों नें भारत...
Varanasi Travel Guide – एक दिन में पूरा बनारस कैसे घूमें ?
बनारस बस एक शहर नहीं है,बनारस हमारी सनातन संस्कृति की वो सुगंधित धूप है,जिसके आध्यात्मिक महक ने समूची दुनिया को बार-बार अपने मोह पाश में बाँधा है।
गिनती नहीं कि बनारस पर कितनी कविताएं लिखीं...
नीम करौली बाबा – Apple – Facebook के बाबा
कहानी नम्बर एक
सत्तर के दशक का अमेरिका.सतरह साल का एक दुबला सा लड़का,एक दिन छोटी-छोटी आँखों में बड़े-बड़े सपनें लेकर अमेरिका के सबसे महंगे कालेजों में से एक,रीट कालेज में पढ़ाई करने का फैसला...
भारत के महान आदर्शों को नष्ट करती इस नकली बौद्धिकता को जानिए
वो कोई चैत की बेचैन सी सांझ थी जब मैं एक दरबेनुमा चाय की दुकान में जेनी से मिला था..तब रोज मुझे दसास्वमेध घाट की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में तबला संगति करनी होती...
बनारसी व्यंजन – पेश हौ नजारा…बहुते करारा
सुबह के सात बजे थे,भीड़ का बढ़ना जारी था, शिवालयों से हर-हर महादेव की ध्वनि उठ रही थी। गलियों से निकलता भक्तों का रेला,तुलसी,बेल पत्र और जल लेकर दौड़ रहा था।
इधर विदेशी इस लम्हे...
इश्क में बनारस होना
सुनों..
कल अपने बनारस आ गया...आते ही लगा लौट आया हूँ तुममें और तुम मुझ में..गोदोलिया,जंगमबाड़ी और अगस्तकुण्ड ने बांहे फैला दीं थीं.बिल्कुल तुम्हारी तरह....मानों वर्षों बाद उसका महबूब घर लौट आया हो...जानती हो लौटकर...
विश्वनाथ धाम : अतीत की नींव पर भविष्य की काशी
काशी विश्वनाथ धाम शुरू हुआ। कुछ मंदिर और घर क्या टूटे,मैनें देखा कि उन लोगों नें हर-हर महादेव कहकर चूड़ियाँ तोड़ लीं,जिनका धर्म नामक शब्द से मुकदमा चलता है।
‘को कहि सकइ प्रयाग प्रभाऊ’ ( कुम्भ यात्रा संस्मरण )
ट्रेन खुली तो हल्की बारिश हो गई,अचानक ठंड बढ़ गई। घड़ी में देख रहा रात दो बजने को हैं। ट्रेन में बैठे आधे लोग ऊंघ रहें हैं,आधे लोग टकटकी लगाए पूछ लेते...
आदमी की सबसे बड़ी जरूरत ये है.
कल ड्यूडनी अपने ड्यूड से बहुते नाराज थी...मने की फुलौरी जइसा मुंह बनाकर कह दिया की " एकदम पेयार नहीं करते हो न मुझसे.?.दिन भर खाली फेसबुक पर ऑनलाइन रहोगे..बगल वाली पिंकिया के डीपी...















