एक नकली आम आदमी का असली बयान
अस्सी की सांझ..बारिश के कारण सड़कों पर बने गड्ढों में भरा पानी स्मार्ट सिटी और क्योटो जैसे शब्दों को मुँह चिढ़ाता है तो एक बार मोदी जी से मन की बात करने का मन...
इश्क में बनारस होना
सुनों..
कल अपने बनारस आ गया...आते ही लगा लौट आया हूँ तुममें और तुम मुझ में..गोदोलिया,जंगमबाड़ी और अगस्तकुण्ड ने बांहे फैला दीं थीं.बिल्कुल तुम्हारी तरह....मानों वर्षों बाद उसका महबूब घर लौट आया हो...जानती हो लौटकर...
बिरला हॉस्टल की होली : स्मृतियों के चटक रंग
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में मेरा वो पहला साल था। खपरैल और टीन शेड के स्कूल से निकलकर एक केंद्रीय विश्वविद्यालय का छात्र होने की प्रसन्नता मेरी आंखों में उसी मात्रा में चमक...
लन्दन की जेनी,क्रिस गेल और बनारसी लंठ
बड़ी गर्मी है..पारा 40 के ऊपर जाने को बेकरार है..माथे पर पसीना..सड़क पर भीड़..गलियों में गहमा-गहमी.
हर घर में घँटीयां टनटना रही हैं..कहीं शंख बज रहा..तो कहीं पाठ शुरू हो गया..तो कहीं पंडी जी नहीं...
बाप को इतना मुलायम नही होना चाहिए
वो 1 जनवरी 2017 की सुबह थी.आसमान कोहरे से भरा था और लोगों के दिल नयी उम्मीदों से.रोज घण्टा घड़ियाल और सूर्य नमस्कार के मन्त्रों से गुलज़ार रहने वाला अस्सी घाट नए वर्ष की...
छोटे शहरों की स्मृतियाँ ही हमारी संचित निधियां हैं।
पंजाब में सिक्ख भाई सरदार कहे जाते होंगे लेकिन अपने रज़ा बनारस में जादो जी लोग सरदार कहे जातें हैं। क्यों कहे जाते हैं ? इस परम्परा के पीछे जाएंगे तो आपको...
Varanasi Travel Guide – एक दिन में पूरा बनारस कैसे घूमें ?
बनारस बस एक शहर नहीं है,बनारस हमारी सनातन संस्कृति की वो सुगंधित धूप है,जिसके आध्यात्मिक महक ने समूची दुनिया को बार-बार अपने मोह पाश में बाँधा है।
गिनती नहीं कि बनारस पर कितनी कविताएं लिखीं...















