निरहुआ बनाम शहाबुद्दीन और लोकप्रियता का मनोविज्ञान
भोजपुरी में एक फ़िल्म आई.."निरहुआ रिक्शा वाला" कहते हैं जिस दिन बनारस में रिलीज हुई उस दिन बनारस में रिक्शा वालों के भाव जेट एयरवेज के भाव को टक्कर दे रहे थे...होता क्या था...
जाड़ा,ऑटो,अंकल और वो अकेली लड़की
वाकया थोड़ा पुराना है..जनवरी की कोई ठण्डी सी शाम होगी..बीएचयू से क्लास करके लौट रहा था..जाड़ा अपने पूरे शबाब पर..जहाँ तहाँ लोग अपने दांत को तीव्र लय में किटकीटाकर अलाव ताप रहे थे.
गुरु जी...
एक कलाकार का असली धर्म क्या है ?
बात बहुत साल पहले की है... तब कलाबाज़ी नहीं कलाकारी का दौर था..कहतें हैं तब भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर की लोकप्रियता आसमान छू रही थी...बलिया से बंगाल तक और गुवाहाटी से गोपालगंज तक ...
Social Media Addiction – आभासी इश्क के खतरे जानिए
कल फेसबुक खोलते ही देखा कि हमारे किशोरीलाल अंकल जी का चेहरा शाहरुख खान से मिल गया है और वो ऊंचास लोगों को टैग करके इस उपलब्धि का लहरिया कट में जश्न मना रहे...
एक फेसबुक क्रांतिकारी की क्रांति कथा
एक दिन की बात है.दिन रात Facebook पर दुनिया बदलने की बात करने वाले बुद्धिजीवी क्रांतिकारी से मिलने उनके घर गया...बेचारे कई दिन से फोन कर रहे थे.."आ जावो अतुल. अच्छा खासा लिख...
फेक आईडी का मनोविज्ञान
क्या है कि आजकल भारी मात्रा में रोज मित्रता निवेदन आ रहें हैं.कुछ लोगों ने बेकायदे अतुल बाबू को बड़ा लेखक मान लिया है.और कुछ लोग तो भ्रमवश परसाई,प्रेमचन्द,रेणू,श्रीलाल शुक्ल और न जाने क्या...
हमने देश के लिए क्या किया साहेब
कल से मोहल्ले के एक ड्यूड क्रांतिकारी फेसबुक पर बवाल काट दिए हैं.कल जहाँ सब लोग सुबह उठकर तिरंगे झंडे के साथ गणतंत्र दिवस मना रहे थे.?वहीं वो शरद पवार का फ़ोटो डालकर पूछ...
सोसायटी का लोकतंत्र और कुत्ता राजनीति : एक हास्य कथा
सोसायटी अध्यक्ष एक रिटायर्ड अफ़सर थे और जीवन के खाली दिनों में लेखक बन चुके थे। उन्होंने सोसायटी कमेटी ग्रुप में एक डिजिटल सूचना लिखी थी, जिसका मजमून कुछ यूं था,
WhatsApp हमें क्या सिखाता है ?
सपनों में उलझी है जिंदगी.हम सुलझा रहे हैं दिन-रात...आ रहे हैं,जा रहे हैं,भाग रहे हैं,जाग रहे हैं.कुछ देर बाद सुलझन की एक डोर में पकड़ आती भी है तो कम्बख्त एक दूसरी उलझन सामने ...
घर की कहानी..पति-पत्नी,फेसबुक और वो..
शहर में शर्मा जी के जूते की मशहूर दुकान है,मोहल्ले में खूब इज्जत-प्रतिष्ठा है, पांच साल पहले घर वालों ने उनकी शादी कर दी..शर्मा जी ऐसी दुल्हन पाकर बड़े खुश हुए..भला क्यों न हों?...
















