WhatsApp हमें क्या सिखाता है ?
सपनों में उलझी है जिंदगी.हम सुलझा रहे हैं दिन-रात...आ रहे हैं,जा रहे हैं,भाग रहे हैं,जाग रहे हैं.कुछ देर बाद सुलझन की एक डोर में पकड़ आती भी है तो कम्बख्त एक दूसरी उलझन सामने ...
जाड़ा,ऑटो,अंकल और वो अकेली लड़की
वाकया थोड़ा पुराना है..जनवरी की कोई ठण्डी सी शाम होगी..बीएचयू से क्लास करके लौट रहा था..जाड़ा अपने पूरे शबाब पर..जहाँ तहाँ लोग अपने दांत को तीव्र लय में किटकीटाकर अलाव ताप रहे थे.
गुरु जी...
Social Media का सार्थक उपयोग कैसे करें ?
चार फिट सात इंच का सिंटूआ गाँव से पहली बार बनारस पढ़ने के लिए आया था.कहतें हैं तब उसके चेहरे से मासूमियत की गंगा-जमुना बहती थी.दाढ़ी-मूंछें भी तो ठीक से नहीं आईं थीं.माँ ने...
हमने देश के लिए क्या किया साहेब
कल से मोहल्ले के एक ड्यूड क्रांतिकारी फेसबुक पर बवाल काट दिए हैं.कल जहाँ सब लोग सुबह उठकर तिरंगे झंडे के साथ गणतंत्र दिवस मना रहे थे.?वहीं वो शरद पवार का फ़ोटो डालकर पूछ...
Social Media Addiction – आभासी इश्क के खतरे जानिए
कल फेसबुक खोलते ही देखा कि हमारे किशोरीलाल अंकल जी का चेहरा शाहरुख खान से मिल गया है और वो ऊंचास लोगों को टैग करके इस उपलब्धि का लहरिया कट में जश्न मना रहे...
Facebook and Friendship – आभासी दोस्ती की हकीकत
पहले दोस्ती के लिए बड़े-बड़े साइज वाले पापड़ बेलने पड़ते थे...आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के "कुसंग का ज्वर सबसे भयानक होता है "टाइप अमृत वचनों को याद करना पड़ता था.... वहां अब facebook पर एक...
फ़िल्म,काफी,चुम्मा और स्वतंत्रता दिवस
कल ड्यूड सन्नू ने अपनी ड्यूडनी सोना से परम रोमांटिकासन कहा.."सोना डार्लिंग कल independence day है" सोना जी ने लालकिले की तरह मुंह बनाकर कहा."तो मेको क्या...मैं क्या करूँ.?" अरे कल छुट्टी है.चलो आईपी...
फेक आईडी का मनोविज्ञान
क्या है कि आजकल भारी मात्रा में रोज मित्रता निवेदन आ रहें हैं.कुछ लोगों ने बेकायदे अतुल बाबू को बड़ा लेखक मान लिया है.और कुछ लोग तो भ्रमवश परसाई,प्रेमचन्द,रेणू,श्रीलाल शुक्ल और न जाने क्या...
घर की कहानी..पति-पत्नी,फेसबुक और वो..
शहर में शर्मा जी के जूते की मशहूर दुकान है,मोहल्ले में खूब इज्जत-प्रतिष्ठा है, पांच साल पहले घर वालों ने उनकी शादी कर दी..शर्मा जी ऐसी दुल्हन पाकर बड़े खुश हुए..भला क्यों न हों?...
निरहुआ बनाम शहाबुद्दीन और लोकप्रियता का मनोविज्ञान
भोजपुरी में एक फ़िल्म आई.."निरहुआ रिक्शा वाला" कहते हैं जिस दिन बनारस में रिलीज हुई उस दिन बनारस में रिक्शा वालों के भाव जेट एयरवेज के भाव को टक्कर दे रहे थे...होता क्या था...

















