Saturday, October 24, 2020

सोशल अड्डा

कहते हैं कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है..लेकिन आजकल के हालात को देखते हुए कहीं से नहीं लगता कि आदमी रत्ती भर भी प्राणी का गुण रखता है,वो देश -दुनिया और समाज को बनाने-बिगाड़ने की तो खूब बातें करता है..लेकिन बड़ी विडम्बना है कि खुद को छोडकर पूरा समाज बदल देना चाहता है..यहाँ  हमारा समाज   में चर्चा करेंगे विभिन्न ज्वलंत और सामाजिक मुद्दों पर.पहल करेंगे खुद को बदलने की

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फ़िल्म,काफी,चुम्मा और स्वतंत्रता दिवस

कल ड्यूड सन्नू ने अपनी ड्यूडनी सोना से परम रोमांटिकासन कहा.."सोना डार्लिंग कल independence day है" सोना जी ने लालकिले की तरह मुंह बनाकर...
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गरीब भाई के राखी (कहानी)

एही जेठ में बबीता के बियाह भइल नइहर छूटल की आँखि से लोर छूटल...डोली में चढ़ली त खेत सीवान मन परे लागल कइसे बाबूजी...
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फेक आईडी का मनोविज्ञान

क्या है कि आजकल भारी मात्रा में रोज मित्रता निवेदन आ रहें हैं.कुछ लोगों ने बेकायदे अतुल बाबू को बड़ा लेखक मान लिया है.और...
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वो गाँव की औरतें…

कल बलिया से बनारस आते वक्त ट्रेन में जिला मोतिहारी बिहार कि पचपन वर्षीया सुनैना देइ उनकी साठ वर्षीया बहीन.और पन्द्रह बीस महिलायें.साथ में...

सर्वाधिक लोकप्रिय

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उस्ताद..आज आपके साथ थोड़ा बनारस भी बिक गया

सादर प्रणाम   उम्मीद है आप जहाँ भी होंगे सकुशल होंगे..देखिये न आज आपके बनारस में सूरज दिल खोलकर निकला है,हवा पंख खोलकर बह रही...
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मंटूआ-पिंकीया की असली प्रेम कहानी

मौसम में हल्की नमी थी और हवा में बंसत की सुवास.आसमान में देखते ही मन उड़ने लगता था.मानों वो चिल्ला-चिल्ला के कह रहा हो."अब...
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बी.टेक्स वाले दुल्हनिया ले जाएंगे ?

आज छत पर धूप पसरी  है.अखबार लेकर बैठा हूँ.आसमाँ भी साफ़ है.पक्षी भी उड़ रहे..नावें भी ठीक से चल रहीं.लेकिन कमबख्त मेरा दिल बैठा...
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डिप्लोमा इन दुनियादारी 

गाँव के स्कूल में एक मास्टर साहेब थे.नाम था तिरलोचन तिवारी उर्फ़ मरखहवा मास्टर.ज्ञान को हमेशा कपार पर उठाये रहते थे.माघ के जाड़े में...
whatsapp success story

WhatsApp हमें क्या सिखाता है ?

सपनों में उलझी है जिंदगी.हम सुलझा रहे हैं दिन-रात...आ रहे हैं,जा रहे हैं,भाग रहे हैं,जाग रहे हैं.कुछ देर बाद सुलझन की एक डोर में...