सोशल अड्डा

कहते हैं कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है..लेकिन आजकल के हालात को देखते हुए कहीं से नहीं लगता कि आदमी रत्ती भर भी प्राणी का गुण रखता है,वो देश -दुनिया और समाज को बनाने-बिगाड़ने की तो खूब बातें करता है..लेकिन बड़ी विडम्बना है कि खुद को छोडकर पूरा समाज बदल देना चाहता है..यहाँ  हमारा समाज   में चर्चा करेंगे विभिन्न ज्वलंत और सामाजिक मुद्दों पर.पहल करेंगे खुद को बदलने की

ये दूर रहकर भी एक दूसरे के साथ खड़े होने का समय है।

जिस आदेश में एक अफ़वाह के आधार पर लोग नमक इकट्ठा करनें लगें, जगह-जगह अनाज और सब्जियों की जमाखोरी होने लगे,वहाँ कुछ लोग चाहते थे कि प्रधानमंत्री नें टीवी पर आकर देश...

“कराही में घीव लेखा जीव जरsता !”

ए जी पिंटूआ के पापा….! ई कवन नोकरी ह जी कि ना रउरा दीवाली के छुट्टी मिलsता,ना छठ के रिज़रवेशन मिलsता ? देख लीं, टोला में...

बाढ़,जेम्स प्रिंसेप और काशी के शाही नाले की कथा…

सुबह-सुबह अस्सी घाट के पुरनिये आठ कचौड़ी,तेल में तर तीन प्लेट कोहड़ा की तरकारी,दूई पाव जलेबी,सौ ग्राम दही के बाद जब बाबा बूटी की छानते हैं,तब जाकर तीन किलोमीटर लंबी डकार उतपन्न...

प्रेम बनाम आकर्षण

कहा गया है कि आदमी प्रेम में हो और प्रेमी या प्रेयसी को पूजने का मन न करने लगे,तो समझ लेना चाहिए कि वो प्रेम नहीं,सिर्फ़ आकर्षण था।

अम्मा मेरे बाबा को भेजो री ( अहा ! ज़िंदगी में प्रकाशित )

फागुन में बेटी का ब्याह क्या तय हुआ,पिता की परीक्षा उसी दिन से शुरू हो गई। बुआ को बुलाना है,मौसी नहीं आएंगी तो पक्का नाराज़ हो जाएंगी। गुजरात वाले फूफा तो अक़्सर नाराज...

फ़ेसबुक बनाम यू ट्यूब – यूज़र से डॉलर बनते लोग

एक दिन देख रहा कि मम्मी-पापा ने तीन साल की बेटी का टिक-टॉक वीडियो फेसबुक पर अपलोड किया है। उसके मिलियन व्यूज हैं और पापा जी लहालोट हैं। गाँव...

सुख-दुःख की छोटी बातें

घर से लौट रहा था। बेहिसाब गर्मी थी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय सेमेस्टर की परीक्षा ले रहा था। देख रहा ट्रेन पकड़ने के लिए लोग भाग रहें हैं। इधर जनरल डिब्बे का हाल...

नेपाल यात्रा संस्मरण

तीस मई का सूरज आसमान में जल रहा है। तापमान पैंतालीस। शरीर का पसीना चावल में अदहन की तरह फफ़ा रहा। मोबाइल में देख रहा लुटियन आज अपनी डिजायनर दिल्ली की भव्यता...

इश्क़ वाली चाट ( कहानी )

गर्मी की साँझ थी। बादल रह-रहकर उमड़ते थे लेकिन बरसते न थे। लड़के ने अपनी पतली कलाई में उलझी चालीस रुपये वाली घड़ी में देखा,चार बजने में चार मिनट कम हैं। चौक...

ए बबुआ के पापा…

बबुआ के पापा बनारस आएं हैं। सुना है बबुआ इंजीनियरिंग की कोचिंग करेगा.. सुबह से बबुआ के पापा फोन करके परेशान कर रखें हैं कि "अतुल जी बबुआ को कोई दिक्कत तो...

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