एक परिचय की मौत
साल दो हजार नौ-दस का समय। खेत में बैठकर मेरी आँखें बीएचयू में पढ़ने का ख़्वाब बुन रहीं थीं।
तब ज़िंदगी इतनी ऑनलाइन न थी। यहाँ तक कि परीक्षा...
जब इतिहास ने भूगोल पर मुकदमा कर दिया..
इतिहास से अपना खानदानी मुकदमा चलता है बाबूजी से लेकर बाबा और बाबा से लेकर परबाबा तक इतिहास में भूगोल रहे हैं....लेकिन .मैंने अपनी खानदानी उपलब्धि से छेड़छाड़ करते हुए इतिहास की किताबों से...
आत्मनिर्भर भारत के दुःखद पहलू !
सवाल तो है कि जब बीस लाख करोड़ के पैकेज से आत्मनिर्भर भारत बनानें कि बातें की जा सकतीं हैं,तो कुछ सौ करोड़ ख़र्च करके इन पैदल चलते लोगों को इनके घर...
एक दीया Indian Army के नाम हो..
यूपी में पौने पांच साल तक तीन ठो सीएम थे कि चार ठो हमारे मोहल्ले वाले पिंकूआ को इसकी कोई परवाह नहीं है...उसको तो इस बात कि चिंता खाये जा रही कि उसकी एकमात्र...
सावधान रहें देश में असहिष्णुता बढ़ने वाली है।
आप सबको एक जरूरी जानकारी के तहत ये अवगत कराना है कि बिहार चुनाव के बाद देश में जो रामराज्य स्थापित हो गया था..गंगा-जमुनी तहजीब की बाढ़ आ गयी थी..महंगाई का इंतकाल हो गया...
रुकना जरूरी क्यों है ?
चलना एक कला है और रुकना भी। लेकिन ये भौतिकतावादी समय हमसे कह रहा है कि भागो,भागो नहीं तो तुम पीछे छूट जावोगे। दिन-रात मोटिवेशनल स्पीकर चिल्ला रहे हैं,"अरे,तुम यही हो। वो...
सौरभ सिंह शुजा और ईवीएम (बुद्धि हैकिंग की प्राचीन कथा )
तब हम छठवीं के छात्र थे..यानी कक्षाकार्य और गृहकार्य में पिस रहा….खेलने और टीवी देखने को तरस रहा…हिसाब से पढ़ने के लिए बेहिसाब लात,जूता,चप्पल खा रहा,एक मासूम बच्चा।
लेकिन...
भोजपुरी संगीत अश्लील क्यों है ? ( इतिहास और वर्तमान पर एक नज़र )
वो साठ का दशक था,तब मनोरंजन के इतने साधन नहीं थे। ले-देकर दशहरा के समय दरभंगा और अयोध्या से आने वाली रामलीला मण्डली का आसरा था। कहीं से...
Social Media Addiction – आभासी इश्क के खतरे जानिए
कल फेसबुक खोलते ही देखा कि हमारे किशोरीलाल अंकल जी का चेहरा शाहरुख खान से मिल गया है और वो ऊंचास लोगों को टैग करके इस उपलब्धि का लहरिया कट में जश्न मना रहे...
“कराही में घीव लेखा जीव जरsता !”
ए जी पिंटूआ के पापा….!
ई कवन नोकरी ह जी कि ना रउरा दीवाली के छुट्टी मिलsता,ना छठ के रिज़रवेशन मिलsता ?
देख लीं, टोला में...















