Tuesday, October 24, 2017
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राजनीतिक विचार

कभी लोहिया ने कहा था कि राजनीति अल्पकालीन धर्म है और धर्म दीर्घकालीन राजनीति है..आज जब धर्म और राजनीति दोनों का ह्रास जारी है ...ईमानदारी,नैतिकता और सुचिता जैसे शब्द तो बीते समय की बातें हो गयीं हैं....आज  जब गुड पालिटिक्स और बैड पालिटिक्स का समय है तब हमें अपनी चेतना को जगाकर अपने राजनीतिक विचार पर मंथन करना पड़ेगा.  हम समुन्द्र मंथन नहीं वैचारिक मंथन करेंगे