गोरिया के गाल बा ,बिहार में बवाल बा
"गोरिया के गोरे गोरे गाल, बिहार में बवाल कइले बा."
बहुते छोटे थे हम, मने एकदम बबुआ टाइप....फोंफी और समपापड़ी के लिये भी रोने लगते थे...फुलौना और पिपीहिरी के लिए नधिया जाते थे.गुरदेल आ लट्टू...
सरकारी सुहागरात योजना
हमारे यहां लौंडे की शादी के दिन जैसे-जैसे नजदीक आते जातें हैं.वैसे-वैसे उसके स्वभाव में ही नहीं वरन पहनावा,चाल-चलन,कालर ट्यून से लेकर वालपेपर तक बदलते जातें हैं.यहाँ तक की उसके सुहाग रात के सपने...
जब उस्ताद ने अमेरिका वालों से कहा…मेरी काशी मेरी गंगा ला दो..
1982 के दिन.... अमेरिका के एक बड़े शहर में आयोजित कार्यक्रम.... वहां के लोग उस्ताद से जिद्द कर देतें हैं कि "आप यहीं रह जायें तो बड़ा अच्छा हो..."उस्ताद इस बात को अनसुना कर...
लहंगा में लोकपाल ( शादी स्पेशल व्यंग )
रोजी का लहंगा पम्मी के लहंगे से महंगा और सुंदर है..इस पर कल सवा चार घण्टा बहस चली...एक बार लोकपाल बिल और जीएसटी बिल पर सहमति बन सकती थी...लेकिन किसका लहंगा सुंदर है..इस बहस ...
जब इतिहास ने भूगोल पर मुकदमा कर दिया..
इतिहास से अपना खानदानी मुकदमा चलता है बाबूजी से लेकर बाबा और बाबा से लेकर परबाबा तक इतिहास में भूगोल रहे हैं....लेकिन .मैंने अपनी खानदानी उपलब्धि से छेड़छाड़ करते हुए इतिहास की किताबों से...
मिलिए इस महान सांस्कृतिक योद्धा से….
आज से पचास-साठ साल पहले का समय...अपनी बदहाली और बेबसी पर रोता हुआ छपरा का क़ुतुबपुर दियारा...घोर जमींदारी और सामन्तवाद से लड़ते गरीब, अपनी गरीबी और अभाव से कम, अपने गाँव के बार-बार बदलने...
गुड्डूआ की मेहरारू और जयपुर की यात्रा
आज आरा जिला का गुड्डूआ खूब खुश है. सांवला सा दुबला चेहरा..धसे हुए गाल..एक अर्धविक्षिप्त बैग में बेतरतीब ठूसे कपड़े..पढ़ाई लिखाई की बात करेंगे तो गुड्डआ बिहार के दर्जनों मंत्री जी लोगों से ज्यादा...
तू लगावे लू जब लिपिस्टिक……
प्रश्न - कालजयी गीत 'तू लगावे लू जब लिपीस्टिक" पर टार्च लेकर प्रकाश डालें.
उत्तर...
भावर्थ - "तू लगावेलू जब लिपीस्टिक" भोजपुरी की सबसे वैज्ञानिक आध्यात्मिक,कालजयी और महान कृति है.कवि सीरी जाहिद कुमार 'जाहील' और गायक...
रतिया कहाँ बितवला ना…..
सम्पूर्णआनंद विश्वविद्यालय वार्षिक परीक्षा
कक्षा- तेरह
बिषय- समाज शास्त्र
पूर्णाक- 420
परीक्षार्थी... कूदन शास्त्री
रोल नम्बर...रोज रोज लिखीं मरदे काल्ह लिखले रहनी न (प्रवेश पत्र पर एगोड़ी के आई लव यू लिख के दे देले बानी)
प्रश्न.....कहाँ बीतवला ना रतिया...
बबुनी बीड़ी पियत जात रहली डोली में…..
हमारे भोजपुरिया क्षेत्र में नाच का कभी जबरदस्त क्रेज था.तब आर्केस्ट्रा की फ़ूहड़ता का प्रभाव ठीक से नहीं हुआ था.मैं भी पैदा नहीं हुआ था.लेकिन मनोज तिवारी पटरी भाठा लेकर स्कूल जाते थे.निरहू और...
















