लिट् फेस्ट से आहत कवि
कवि चिंगारी की खिड़की पर कविताओं का मौसम उतर आया था। पिछले एक हफ्ते में उन्होंने बयालीस कविताएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं को भेजी थी। भेजने को तो वो पचास कविताएं और भेज सकते...
कभी-कभी खुद से बात करना क्यों जरूरी है ?
SELF TALK - आत्मसंवाद का एक अंश
आज बनारस.कई दिन बाद आके कमरा खोलता हूँ। ओह!.होली में गाँव चले जाने के कारण नाराज, मकान मालिक के पंचवर्षीय पुत्र ने अखबारों के पन्ने काट-काट के दीवाल...









