लहंगा में लोकपाल ( शादी स्पेशल व्यंग )
रोजी का लहंगा पम्मी के लहंगे से महंगा और सुंदर है..इस पर कल सवा चार घण्टा बहस चली...एक बार लोकपाल बिल और जीएसटी बिल पर सहमति बन सकती थी...लेकिन किसका लहंगा सुंदर है..इस बहस ...
जाड़े के दिन में वो प्रेम की आग…
जाड़े के दिन बुद्धत्व प्राप्ति के दिन होतें हैं...आत्मा और चित्त अनयास ही स्थिर रहतें हैं.. चिंतन मनन में मन खूब रमता है...भाव शुद्धि विचार शुद्धि और शरीर शुद्धि जैसी आवश्यक शर्तें आध्यात्मिक साधना...
हमरो सैयां हो गइले परधान ( चुनाव कथा )
साल डेढ़ साल पहले से चुनाव की तैयारी..वोट का जोड़,घटाव गुणा,भाग.जुगाड़ आ तिगड़म का रिजल्ट आ गया....गांव-गाँव जश्न..मिठाई आ फूल माला का स्टॉक खतम....
अबीर गुलाल से कहीं होली तो कहीं मुहर्रम से भी ज्यादा...
गाँव से रामलीला की Live Coverage ( वायरल पोस्ट )
राजा दशरथ बैठकर अभी बीड़ी पी रहें हैं.बगल में सीता जी से कुम्भकर्ण ने कहा है कि "थोड़ा मोबाइलवा चार्ज में लगा दो न..सरवा टावरे नहीं पकड़ रहा है इधर.मेहरारु को फोन करना है..खिसिया...
परधानी चुनाव की ये अनोखी कहानी
चुनाव चुनाव चुनाव..परधानी परधानी परधानी..... पूरुब से लेकर पक्षिम टोला...उत्तर से लेकर दक्षिण टोला आ काली माई से लेकर पिपरा तर के बरम बाबा तक गाँव के माहौल में election का अजीब सा संक्रमण...
पुल पार करने से नदी पार नहीं होती…
"पुल पार करने से नदी पार नहीं होती" क्या खूब कहा है कवि नरेश सक्सेना ने.आज पुल पार करते वक्त सोच रहा था आदमी का नदी से कितना पुरातन सम्बन्ध है न ?
हमारी भारतीय...
ओ पिया परदेसिया ये धान की रोपनी ( विरहन व्यथा )
पिछले साल बैसाख में भौजी गवना करा के आई थी,ककन छूटे दू दिन हुआ था और मेहँदी अभी छूटा नहीं था कि चार दिन बादे गेंहू का कटिया शुरू हो गया। हाय! रे किसानी...
मजबूरी...
आँगनबाड़ी वाली भौजी ( स्त्री विमर्श की एक कथा )
गाँव के बाहर पुल पर बैठे पश्चिम टोला के बबलूआ ने नन्हकू बो भौजी को देखते ही मोबाइल कि आवाज को बढ़ाया गनवा उहे था.जिसमें महान अश्लील गायक सीरी खेसारी लाल जादब जी अपनी...
आधुनिकता ने काट दी प्रेम की डोर
लाख हनी सिंह का दौर हो पर गाँव में रहने वाला लौंडा आज भी दिल टूटने पर 'ब्रेक अप की पार्टी रख ली' नहीं सुनता ।आज भी अल्ताफ राजा उसके महबूब गायक हैं..गाँव के...
हमार भोजपुरी ग़ज़ल
जे कबो सबका के रस्ता बतावत रहे
देखीं उहे आज रस्ता भुलाइल बा
काल्ह घर घर में जाके हमके जोहत रहे
आज उहे अपना घर में लुकाइल बा
इहे भइल खता उनसे मुहब्बत भइल
इ दिल ना ,दरिया ह...
















