पुल पार करने से नदी पार नहीं होती…
"पुल पार करने से नदी पार नहीं होती" क्या खूब कहा है कवि नरेश सक्सेना ने.आज पुल पार करते वक्त सोच रहा था आदमी का नदी से कितना पुरातन सम्बन्ध है न ?
हमारी भारतीय...
बसंत किलकंत है… ( ग्राम्य डायरी )
सरसो पियरा चुका है…हवा जब-जब बहती है,तब-तब मटर के फूल,गुलाब के महंगे फूल को मात देते हैं। चना पर ओस की बूंदों को देखकर,मन मुदित हुआ जाता है। धूप होते ही नवम्बर...
जाड़े के दिन में वो प्रेम की आग…
जाड़े के दिन बुद्धत्व प्राप्ति के दिन होतें हैं...आत्मा और चित्त अनयास ही स्थिर रहतें हैं.. चिंतन मनन में मन खूब रमता है...भाव शुद्धि विचार शुद्धि और शरीर शुद्धि जैसी आवश्यक शर्तें आध्यात्मिक साधना...
ए भौजी…गैस कनेक्शन लेबू हो..?
रिकार्ड तोड़ गर्मी है..शहर से लेकर देहात तक..आदमी से लेकर पशु-पक्षी और बिजली से लेकर पानी तक का हाल बेहाल है.देखिये न पन्द्रह दिन पहले शाम को खेदन बो भौजी चूल्हा झोंककर बबुआ का...
“विरह के नांच” ( कहानी )
भौजी खाना बना रहीं थीं.तब तक पड़ोस की गीता आ गयी.."ए भौजी.आज बड़ा उदास हो,का बात है.आज भइया के ढेर याद आवत है का.आँय' ? भौजी बिन बोले रोने लगीं..गीता ने कंधे पर हाथ...
संगीता के आशिकों की कहानी
कभी पता चला कि गाँव के परमेसरा की छोटकी साली गर्मी की छुट्टी में अपने बहिन के यहाँ आ गयी है।बस गाँव के सभी मजनुओं में जीजा बनने की होड़ लग जाती थी।
इधर गाँव...
परधानी चुनाव की ये अनोखी कहानी
चुनाव चुनाव चुनाव..परधानी परधानी परधानी..... पूरुब से लेकर पक्षिम टोला...उत्तर से लेकर दक्षिण टोला आ काली माई से लेकर पिपरा तर के बरम बाबा तक गाँव के माहौल में election का अजीब सा संक्रमण...
आधुनिकता ने काट दी प्रेम की डोर
लाख हनी सिंह का दौर हो पर गाँव में रहने वाला लौंडा आज भी दिल टूटने पर 'ब्रेक अप की पार्टी रख ली' नहीं सुनता ।आज भी अल्ताफ राजा उसके महबूब गायक हैं..गाँव के...
एक चरित्रवान भैंस की कथा
एक थे सुदामा राय..जिला बलिया द्वाबा के भूमिहार,एक मेहनती किसान,एक बड़े खेतिहर.
कहतें हैं उनके पास दो गाय और एक भैंस थी..
एक साँझ कि बात है..राय साहेब गाय भैंस को खिला पिलाकर झाड़ू लगा रहे...
मंटूआ का दूसरा लभ लेटर- ए पिंकी तहरा प्यार बिना
मेरी प्यारी पिंकी
मेरी दिलवा की लालटेन,करेजा के फोंफी.हमार सुगनी.जानते हैं तुम्हारा भी लभलाइटिस बढ़ गया होगा.
डीह बाबा काली माई के कसम,इ लेटर हम मोहब्बत के टावर पर नहीं बिजली के खम्भा पर चढ़के लिख...

















