बसंत किलकंत है… ( ग्राम्य डायरी )
सरसो पियरा चुका है…हवा जब-जब बहती है,तब-तब मटर के फूल,गुलाब के महंगे फूल को मात देते हैं। चना पर ओस की बूंदों को देखकर,मन मुदित हुआ जाता है। धूप होते ही नवम्बर...
“विरह के नांच” ( कहानी )
भौजी खाना बना रहीं थीं.तब तक पड़ोस की गीता आ गयी.."ए भौजी.आज बड़ा उदास हो,का बात है.आज भइया के ढेर याद आवत है का.आँय' ? भौजी बिन बोले रोने लगीं..गीता ने कंधे पर हाथ...
रोजगार,पलायन,प्रेम बनाम पूरब देश की विरह कथा
खेदन सिंग बियाह कराने गए...परछावन में इतना खुश थे कि देखते बन रहा था.बाबी बैंड पार्टी सिकन्दरपुर बलिया ने "जीमी जीमी आजा आजा" बजाने के बाद बराती लौंडो को खूब नागिन डांस नचाया....दुआरे बरात...
एक “खत”…पिंटूआ के पापा के नाम
सेवा में
पिंटूआ के पापा
सांझा माई के दीया बारत इहे मनावsतानीं की रउरा लोधियाना में कंचन चरत होखsब...हमार इयाद त रउरा शुके-सोमार के आवत होइ..बाकी ए जी...हम उठत-बइठत इहे मनावे नी की "हे काली माई,हे...
मुन्ना पांडे बेरोजगार….एक कहानी
चार फिट आठ इंच के मुन्ना पांडे जब कक्षा आठ में पढ़ते थे तब अचानक एक दिन उनके गणित के मास्टर साहेब ने उनके आगे हाथ जोड़कर कहा."ए पांड़े.. तुमको ब्रह्मा,विष्णु,महेश भी मिलकर गणित...
संगीता के आशिकों की कहानी
कभी पता चला कि गाँव के परमेसरा की छोटकी साली गर्मी की छुट्टी में अपने बहिन के यहाँ आ गयी है।बस गाँव के सभी मजनुओं में जीजा बनने की होड़ लग जाती थी।
इधर गाँव...
मंटूआ का दूसरा लभ लेटर- ए पिंकी तहरा प्यार बिना
मेरी प्यारी पिंकी
मेरी दिलवा की लालटेन,करेजा के फोंफी.हमार सुगनी.जानते हैं तुम्हारा भी लभलाइटिस बढ़ गया होगा.
डीह बाबा काली माई के कसम,इ लेटर हम मोहब्बत के टावर पर नहीं बिजली के खम्भा पर चढ़के लिख...
समाजवादी लैपटाप कथा
सेवा में
अकलेस पुत्र मन से मोलायम।
मने कह रहें हैं..आप तो आजकल गरिया रहे होंगे की Laptop लेकर वोट न देने वालों तुम्हारे लैपटाप में कीरे पड़ेंगे ओह!...आप का गुस्सा जायज है अकलेस भाई..
अच्छा त मने...
ए भौजी…गैस कनेक्शन लेबू हो..?
रिकार्ड तोड़ गर्मी है..शहर से लेकर देहात तक..आदमी से लेकर पशु-पक्षी और बिजली से लेकर पानी तक का हाल बेहाल है.देखिये न पन्द्रह दिन पहले शाम को खेदन बो भौजी चूल्हा झोंककर बबुआ का...
एक चरित्रवान भैंस की कथा
एक थे सुदामा राय..जिला बलिया द्वाबा के भूमिहार,एक मेहनती किसान,एक बड़े खेतिहर.
कहतें हैं उनके पास दो गाय और एक भैंस थी..
एक साँझ कि बात है..राय साहेब गाय भैंस को खिला पिलाकर झाड़ू लगा रहे...

















