मंटूआ-पिंकिया की इमोशनल होली
बसन्त की जवानी उफान पर है..गाँव जवार होलियाया है....छोट,बड़,धनी,गरीब..सब तैयारी में हैं...काल्ह खेदन नवेडा से फोन किये अपनी मेहरारु को."आहो सन्टुआ के माई..देखो ना, शिवगंगा, सेनानी आ सद्भावना में कहीं टिकसे नहीं मिल रहा...
पिंकीया का लव लेटर..”मेरे जानेमन मंटू..
मेरे जानेमन मंटू
तोहार Love Letter आज मिला. जबसे पढ़े हैं तबसे हमरो लभलाइटीस बढ़ गया है...आज दिलवा बोरसी जइसन सुनुग रहा...केतना बार दिल बनाकर नाम लिखे तोहार आ केतना बार तीर बनाये..
आ केतना बार...
मंटुआ का वायरल लव लेटर-‘मेरी प्यारी पिंकी
मेरी प्यारी पिंकी
वेलेंटाइन बाबा के कसम.इ लभ लेटर मैं सरसों के खेत में नहीं तुम्हारी मुहब्बत के टावर पर चढ़कर लिख रहा हूँ...डीह बाबा काली माई के कसम आज तीन दिन से मोबाइल में...
लहंगा में लोकपाल ( शादी स्पेशल व्यंग )
रोजी का लहंगा पम्मी के लहंगे से महंगा और सुंदर है..इस पर कल सवा चार घण्टा बहस चली...एक बार लोकपाल बिल और जीएसटी बिल पर सहमति बन सकती थी...लेकिन किसका लहंगा सुंदर है..इस बहस ...
जाड़े के दिन में वो प्रेम की आग…
जाड़े के दिन बुद्धत्व प्राप्ति के दिन होतें हैं...आत्मा और चित्त अनयास ही स्थिर रहतें हैं.. चिंतन मनन में मन खूब रमता है...भाव शुद्धि विचार शुद्धि और शरीर शुद्धि जैसी आवश्यक शर्तें आध्यात्मिक साधना...
हमरो सैयां हो गइले परधान ( चुनाव कथा )
साल डेढ़ साल पहले से चुनाव की तैयारी..वोट का जोड़,घटाव गुणा,भाग.जुगाड़ आ तिगड़म का रिजल्ट आ गया....गांव-गाँव जश्न..मिठाई आ फूल माला का स्टॉक खतम....
अबीर गुलाल से कहीं होली तो कहीं मुहर्रम से भी ज्यादा...
साली से गाली सुनने के फायदे
देश में असहिष्णुता बढ़ी हो या न बढ़ी हो लेकिन ठण्ड जरूर बढ़ गयी है.....सुबह नहाने से पहले दस मिनट पानी से पानीपत का युद्ध लड़ना पड़ता है...हीटर गीजर वाले क्या जाने कि पानी...
गाँव से रामलीला की Live Coverage ( वायरल पोस्ट )
राजा दशरथ बैठकर अभी बीड़ी पी रहें हैं.बगल में सीता जी से कुम्भकर्ण ने कहा है कि "थोड़ा मोबाइलवा चार्ज में लगा दो न..सरवा टावरे नहीं पकड़ रहा है इधर.मेहरारु को फोन करना है..खिसिया...
परधानी चुनाव की ये अनोखी कहानी
चुनाव चुनाव चुनाव..परधानी परधानी परधानी..... पूरुब से लेकर पक्षिम टोला...उत्तर से लेकर दक्षिण टोला आ काली माई से लेकर पिपरा तर के बरम बाबा तक गाँव के माहौल में election का अजीब सा संक्रमण...
पुल पार करने से नदी पार नहीं होती…
"पुल पार करने से नदी पार नहीं होती" क्या खूब कहा है कवि नरेश सक्सेना ने.आज पुल पार करते वक्त सोच रहा था आदमी का नदी से कितना पुरातन सम्बन्ध है न ?
हमारी भारतीय...
















