शहर माथे पर रखा तनाव है,गाँव थाती में मिला सूकून
गाँव में सुबह उठते ही बुद्धत्व की प्राप्ति हो जाती है.और पता चलता है कि रात का बिछौना सुबह ओढ़ना हो जाए उसे चैत का महीना कहतें हैं.
खटिया पर ऊंघते हुए देखता हूँ सात...
एक “खत”…पिंटूआ के पापा के नाम
सेवा में
पिंटूआ के पापा
सांझा माई के दीया बारत इहे मनावsतानीं की रउरा लोधियाना में कंचन चरत होखsब...हमार इयाद त रउरा शुके-सोमार के आवत होइ..बाकी ए जी...हम उठत-बइठत इहे मनावे नी की "हे काली माई,हे...
संगीता के आशिकों की कहानी
कभी पता चला कि गाँव के परमेसरा की छोटकी साली गर्मी की छुट्टी में अपने बहिन के यहाँ आ गयी है।बस गाँव के सभी मजनुओं में जीजा बनने की होड़ लग जाती थी।
इधर गाँव...
गाँव से रामलीला की Live Coverage ( वायरल पोस्ट )
राजा दशरथ बैठकर अभी बीड़ी पी रहें हैं.बगल में सीता जी से कुम्भकर्ण ने कहा है कि "थोड़ा मोबाइलवा चार्ज में लगा दो न..सरवा टावरे नहीं पकड़ रहा है इधर.मेहरारु को फोन करना है..खिसिया...
मंटूआ-पिंकिया की इमोशनल होली
बसन्त की जवानी उफान पर है..गाँव जवार होलियाया है....छोट,बड़,धनी,गरीब..सब तैयारी में हैं...काल्ह खेदन नवेडा से फोन किये अपनी मेहरारु को."आहो सन्टुआ के माई..देखो ना, शिवगंगा, सेनानी आ सद्भावना में कहीं टिकसे नहीं मिल रहा...
मंटूआ-पिंकीया की असली प्रेम कहानी
मौसम में हल्की नमी थी और हवा में बंसत की सुवास.आसमान में देखते ही मन उड़ने लगता था.मानों वो चिल्ला-चिल्ला के कह रहा हो."अब जाड़ा जाने वाला है".धरती पर सरसों के पीले पीले फूल...
ए भौजी…गैस कनेक्शन लेबू हो..?
रिकार्ड तोड़ गर्मी है..शहर से लेकर देहात तक..आदमी से लेकर पशु-पक्षी और बिजली से लेकर पानी तक का हाल बेहाल है.देखिये न पन्द्रह दिन पहले शाम को खेदन बो भौजी चूल्हा झोंककर बबुआ का...
जाड़े के दिन में वो प्रेम की आग…
जाड़े के दिन बुद्धत्व प्राप्ति के दिन होतें हैं...आत्मा और चित्त अनयास ही स्थिर रहतें हैं.. चिंतन मनन में मन खूब रमता है...भाव शुद्धि विचार शुद्धि और शरीर शुद्धि जैसी आवश्यक शर्तें आध्यात्मिक साधना...
आधुनिकता ने काट दी प्रेम की डोर
लाख हनी सिंह का दौर हो पर गाँव में रहने वाला लौंडा आज भी दिल टूटने पर 'ब्रेक अप की पार्टी रख ली' नहीं सुनता ।आज भी अल्ताफ राजा उसके महबूब गायक हैं..गाँव के...
ए मंटू…पिंकिया आज पास हो गई रे..
आज एशिया के सबसे बड़े बोर्ड UP BOARD का RESULT आ गया.आज मंटुआ एतना खुश है की का कहें.मने खिड़की पर मेहनत करना कामयाब हो गया.
उधर पिंकिया का गोड़ जमीने पर नहीं पड़ रहा है.अरे...
















