मंटूआ-पिंकीया की असली प्रेम कहानी
मौसम में हल्की नमी थी और हवा में बंसत की सुवास.आसमान में देखते ही मन उड़ने लगता था.मानों वो चिल्ला-चिल्ला के कह रहा हो."अब जाड़ा जाने वाला है".धरती पर सरसों के पीले पीले फूल...
मेरे गाँव में बस इतना बचा है गाँव
गर्मी की छुट्टी आते ही गांव नामक निरीह शब्द पर एक साथ कई हमले होतें हैं..पहला हमला होता है दिल्ली,नवेडा, लोधियाना से पधारे मोहन गुड्डू और सुग्गन,भोला,राधेश्याम,बब्बन,मुन्ना टाइप प्रजाति का.इस प्रजाति के लोग दो...
संगीता के आशिकों की कहानी
कभी पता चला कि गाँव के परमेसरा की छोटकी साली गर्मी की छुट्टी में अपने बहिन के यहाँ आ गयी है।बस गाँव के सभी मजनुओं में जीजा बनने की होड़ लग जाती थी।
इधर गाँव...
ए मंटू…पिंकिया आज पास हो गई रे..
आज एशिया के सबसे बड़े बोर्ड UP BOARD का RESULT आ गया.आज मंटुआ एतना खुश है की का कहें.मने खिड़की पर मेहनत करना कामयाब हो गया.
उधर पिंकिया का गोड़ जमीने पर नहीं पड़ रहा है.अरे...
ओ पिया परदेसिया ये धान की रोपनी ( विरहन व्यथा )
पिछले साल बैसाख में भौजी गवना करा के आई थी,ककन छूटे दू दिन हुआ था और मेहँदी अभी छूटा नहीं था कि चार दिन बादे गेंहू का कटिया शुरू हो गया। हाय! रे किसानी...
मजबूरी...
मुन्ना पांडे बेरोजगार….एक कहानी
चार फिट आठ इंच के मुन्ना पांडे जब कक्षा आठ में पढ़ते थे तब अचानक एक दिन उनके गणित के मास्टर साहेब ने उनके आगे हाथ जोड़कर कहा."ए पांड़े.. तुमको ब्रह्मा,विष्णु,महेश भी मिलकर गणित...
मंटूआ का दूसरा लभ लेटर- ए पिंकी तहरा प्यार बिना
मेरी प्यारी पिंकी
मेरी दिलवा की लालटेन,करेजा के फोंफी.हमार सुगनी.जानते हैं तुम्हारा भी लभलाइटिस बढ़ गया होगा.
डीह बाबा काली माई के कसम,इ लेटर हम मोहब्बत के टावर पर नहीं बिजली के खम्भा पर चढ़के लिख...
एक “खत”…पिंटूआ के पापा के नाम
सेवा में
पिंटूआ के पापा
सांझा माई के दीया बारत इहे मनावsतानीं की रउरा लोधियाना में कंचन चरत होखsब...हमार इयाद त रउरा शुके-सोमार के आवत होइ..बाकी ए जी...हम उठत-बइठत इहे मनावे नी की "हे काली माई,हे...
रोजगार,पलायन,प्रेम बनाम पूरब देश की विरह कथा
खेदन सिंग बियाह कराने गए...परछावन में इतना खुश थे कि देखते बन रहा था.बाबी बैंड पार्टी सिकन्दरपुर बलिया ने "जीमी जीमी आजा आजा" बजाने के बाद बराती लौंडो को खूब नागिन डांस नचाया....दुआरे बरात...
मंटुआ का वायरल लव लेटर-‘मेरी प्यारी पिंकी
मेरी प्यारी पिंकी
वेलेंटाइन बाबा के कसम.इ लभ लेटर मैं सरसों के खेत में नहीं तुम्हारी मुहब्बत के टावर पर चढ़कर लिख रहा हूँ...डीह बाबा काली माई के कसम आज तीन दिन से मोबाइल में...
















