Wednesday, January 17, 2018

Village Voice

Village Voice में शामिल होगी गाँव की वो आवाज,जो न जाने क्यों आज  शहरों की चिल्ल-पों में दब गयी है..दिन-रात की भागा-दौड़ी में हम भी न जाने क्यों उस गाँव की आवाज को महसूस करना छोड़ चूके हैं..अब तो गाय-भैंस  के रम्भाने और मुर्गे के बांग की जगह आईफोन के अलार्म ने ले लिया है..मैक डोनाल्ड के पिज्जा-बर्गर के आगे अब सतुआ-पिसान,गुड़ और चने के स्वादीष्ट साग  की याद अब कभी नहीं आती...गाँव की ओर में शामिल   Village Voice में हम  इसी कमी को दूर करेंगे प्रयास करेंगे की डोर बेल की घंटी में कभी-कभी अपने गाँव के बैलों की घंटी सुनाई दे