Monday, July 23, 2018
जन्मस्थली बलिया उत्तर प्रदेश,इंटरमीडिएट तक कि शिक्षा गाँव से प्राप्त किया,जब जमाना बीटेक्स के चक्कर में खेत बेचकर कोटा भाग रहा था,तब मैनें बाप के अरमानों का अंचार डालकर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में संगीत पढ़ने का फैसला किया.इसी बीच एक दुर्घटना ये हुई कि शायरी से प्रेम हुआ,फिर कहानियों और उपन्यासों से..
तब तक हाथ में स्मार्ट फोन आ चुका था.और इस भीषण टकराव से जो उतपन्न हुआ.उसे आप जैसे कुछ लोग लेखक अतुल कुमार राय कहने लगे.और गूगल पर सर्च करने लगे
Atul Kumar Rai blog
और इसके फलस्वरूप देखते ही देखते फेसबुक और व्हाट्सप पर पोस्ट वायरल होने लगे,पांच-पांच हजार लाइक और दो-दो हजार शेयर देखके कुछ बड़े-बड़े लोगों के दिमाग चकराने लगे।
फिर तो HINDUSTAN TIMES ने एक स्टोरी लिख डाला.. Facebook posts turn scripts for books । कुछ वेबसाइट्स ने कहा..अतुल कुमार राय social media के एक बड़े influencer हैं। जिनके पास हिंदी पट्टी के लाखों लोगों को प्रभावित करने की क्षमता है।
लेकिन फिर भी आज तक समझ न पाया कि क्या हूँ मैं। और खुद को क्या कहूँ मैं.. ?
हां.. इत्ते से जीवन में सबसे जरूरी बात ये लगती है कि कुछ भी बनने से पहले आदमी बनना जरूरी है..और आदमी बनने के लिए संवेदनशील होना जरूरी है..और संवदेनशील बनने के लिए सृजनशील होना जरूरी है..
मेरा लेखन इसी सृजन का परिणाम है..स्वयं को स्वयं के भीतर खोजने की एक कोशिश है…सीधे और सपाट शब्दों में कहूँ तो संगीत मेरा प्रेम है,साहित्य मेरा इश्क, गंवई अंदाज,ठेठ मिज़ाज मेरी पूँजी । जीवन का एक उद्देश्य है, जमीन से जुड़े रहना और लोगों को जोड़े रखना ।
अभी संगीत के साथ तमाम पत्र-पत्रिकाओं और ब्लॉग के लिए लेखन.संगीत में व्यापक रिसर्च करने और दुनिया घूमकर ट्रैवल ब्लॉग्स लिखने की आकांक्षा।
पहला उपन्यास प्रकाशित होने के क्रम में। 😊
I am Atul Kumar Rai, a young writer, blogger and musician. Writing is my passion and music is my hobby. My blogs on songs, literature,travel,cinema, politics, social and contemporary topics are viral on social media. Many blogs have also been published by the big newspapers and magzines of India, due to which India’s most popular publisher is printing my first book.