Monday, July 24, 2017
हमारा समाज

हमारा समाज

कहते हैं कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है..लेकिन आजकल के हालात को देखते हुए कहीं से नहीं लगता कि आदमी रत्ती भर भी प्राणी का गुण रखता है,वो देश -दुनिया और समाज को बनाने-बिगाड़ने की तो खूब बातें करता है..लेकिन बड़ी विडम्बना है कि खुद को छोडकर पूरा समाज बदल देना चाहता है..यहाँ  हमारा समाज   में चर्चा करेंगे विभिन्न ज्वलंत और सामाजिक मुद्दों पर.पहल करेंगे खुद को बदलने की