Monday, July 24, 2017
अध्यात्म की ओर

अध्यात्म की ओर

एक शेर सूना था कहीं 'हरदम तलाश-ए-गैर में रहता है आदमी,डरता है कि कभी खुद से मुलाक़ात ना हो जाए'.आदमी का ये डर बड़ा वाजिब है.खुद से मिलने के हजार खतरें हैं...दिन रात दूसरों में कमियां खोजने वाला चित्त भला खुद से कैसे मिलेगा..हम चलेंगे यहाँ उस  अध्यात्म की ओर जहाँ गए बिना कहीं भी जाना बेकार है..